देश के लिए प्रकाश स्तम्भ हैं सीए. शैलेश हरिभक्ति

avmagazine
Sat, 20 Jul, 2019 07:13 AM IST

शैलेश हरिभक्ति ऐसे व्यक्ति हैं जो हर तरह की परिस्थितियों में अपनी आदर्शनिष्ठा एवं सिद्धांतनिष्ठा को अक्षुण्ण बनाए रहते हैं, आदर्शों की रक्षा, कर्तव्य परायणता को वे अपना सबसे बड़ा धर्म मानते हैं।  ऐसे व्यक्तित्व के रुप में हरिभक्ति जी हमारे देश, समाज और संस्कृति के गौरव हैं।

शिवा तिवारी

शैलेश हरिभक्ति की जीवन साधना में मानव कल्याणार्थ निस्वार्थ सेवा का स्थान सर्वोच्च है। वह कहते हैं कि मानव की जीवात्मा का विकास और जीवन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सेवा से बड़ा तप और पुण्य कुछ भी नहीं है। सफलता का मूलभूत आधार उत्कट इच्छा, तत्पर सक्रियता और क्रियाशीलता ही है। इसके बिना कोई भी व्यक्ति उँचा नहीं उठ सकता है और न ही कोई उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर पाता है। तत्परता, तन्मयता, सक्रियता और मनोयोग के मूल में भी उत्कट आकांक्षा ही उत्प्रेरक काम करती है। यद्दपि सुख-दुख, भली-बुरी परिस्थितियाँ और उत्थान – पतन का मुख्य कारण मनुष्य का कर्म समझा जाता है। लेकिन कर्म रुपी वृक्ष भी विचार और इच्छारुपी बीज से ही उत्पन्न होता है, इच्छा से प्रेरणा की और प्रेरणा से कर्म की उत्पत्ति होती है।

मनुष्य अपनी आकांक्षा के अनुरूप सोचता है और जैसा वह सोचता है वैसे ही साधन उपलब्ध करता है। जैसे साधन उपलब्ध होते हैं वैसा ही कर्म वह करने लगता है। जैसा कर्म किया जाता है वैसी ही परिस्थितियाँ सामने आ खड़ी होती हैं और उसी तरह के परिणाम प्रस्तुत करती हैं। इसे भाग्य, कर्मोें का फल, किस्मत या जो भी नाम दे दिया जाए, पर सच्चाई यह है कि यह सब अपनी ही इच्छाओं की परिणति है। जो चाहा जाता है वही प्राप्त होता है, इसलिए कहा गया है कि प्रत्येक मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता और तकदीर का लेखक स्वयं है। इसी सोच, विचारधारा, कर्मठता, तत्परता, तन्मयता और सक्रियता के पर्याय हैं प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेेंट शैलेश वी. हरिभक्ति। शैलेश हरिभक्ति बताते हैं कि जिस दिन उनका जन्म हुआ उसी दिन से ही यह निर्धारित हो गया कि वह एक प्रभावशाली चार्टर्ड अकाउंटेट ही बनेंगे, क्योंकि यह उनके पिता विष्णु हरिभक्ति की दिली इच्छा थी।

शैलेश हरिभक्ति ने अपने पिता की इच्छा को स्वाकांक्षा में परिवर्तित कर आज एक सुप्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेट, कई राष्ट्रीय – अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के निदेशक – सलाहकार इत्यादि के रूप में एक विशिष्ट और महनीय पहचान बनाई है। हरिभक्ति जी ने वेस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल के चेयरमैन के रूप में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने ज्ञान को, सदगुण की सुुगंध को सेवा से, प्रेम से, सद्भाव से फैलाना, अपनी योग्यता, प्रतिभा, समय, धन, श्रम से देश और समाज को सींचना, सेवा करना, प्रेम बाँटना, वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के अनुसार सबको अपना परिवार समझना ही सीए. शैलैश हरिभक्ति की सर्वोेत्कृष्ट पहचान है। श्री हरिभक्ति जी की जीवन साधना मेें मानव कल्याणार्थ निस्वार्थ सेवा का स्थान सर्वोच्च है। वह कहते हैं कि मानव की जीवात्मा का विकास और जीवन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सेवा से बड़ा तप और पुण्य कुछ भी नहीं है। हरिभक्ति जी ऐसे व्यक्ति हैं जो हर तरह की परिस्थितियों मेें अपनी आदर्शनिष्ठा एवं सिद्धांतनिष्ठा को अक्षुण्ण बनाए रहते हैं, आदर्शों की रक्षा, कर्तव्य परायणता को वे अपना सबसे बड़ा धर्म मानते हैं।  ऐसे व्यक्तित्व के रुप में हरिभक्ति जी हमारे देश, समाज और संस्कृति के गौरव हैं। स्वयं तो महान हैं ही, आपकी महानता  सभी को प्रेरणा प्रकाश भी देती है। हरिभक्ति जी कई सामाजिक संगठनों मे शीर्ष पदों पर रहते हुए पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, गरीबी, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर चुके हैं। श्री हरिभक्ति जी वर्ष २०१४-१५ के लिए रोटरी क्लब ऑफ बाँम्बे के ८५ वें चेयरमैन भी रह चुके हैं और इस पद पर रहते हुए आपने महिला सशक्तिकरण, कन्या भ्रूण हत्या का विरोध और स्वच्छता के क्षेत्र में अपना शानदार योगदान देकर एक विशिष्ट सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है। आप विभिन्न सरकारी और गैर – सरकारी संगठनों को भी अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं और उनके लिए बेहतर निति-निर्माण करने में मार्गदर्शक की भूमिका को सर्वोेत्कृष्ट रुप में निभाते हैं। वर्तमान में आप डी.एच. कंसल्टेंट्‌स प्रा. लि. कंपनी के ग्रुप चेयरमैन हैं तथा कई राष्ट्रीय – बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निदेशक और सलाहकार सदस्य भी हैं। शैलेश हरिभक्ति पेंशन फण्ड नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा गठित नेशनल पेंशन स्कीम ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आप पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की पेंशन सलाहकार समिति (पीएसी) के सदस्य भी रह चुके हैं।

प्रमुख सार्वजनिक एवं  निजी कंपनियों के निदेशक मंडल में श्री हरिभक्ति जी की भूमिका

  • टोरेंट फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड – निदेशक और ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष
  • एल एण्ड टी फाईनेंस होल्डिंगस लिमिटेड – निदेशक और ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष
  • फ्यूचर लाईफस्टाइल फैशंस लिमिटेड – निदेशक और ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष
  • ब्लूस्टार लिमिटेड – निदेशक और ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष
  • महिंद्रा लाईफस्पेस डेवलपर्स लिमिटेड – निदेशक और ऑडिट कमेटी के सदस्य
  • करमचंद्र थापर व ब्रदर्स (कोयला बिक्री) लिमिटेड – निदेशक और ऑडिट कमेटी के सदस्य
  • अंबुजा सीमेंट्‌स लिमिटेड – निदेशक
  • एसीसी लिमिटेड – निदेशक
  • मेट्रोपोलिस हेल्थ केयर लिमिटेड – निदेशक एवं ऑडिट कमेटी के सदस्य

प्रमुख निजी कंपनियों में सी.ए. श्री. हरिभक्ति जी की शानदार भूमिका

  • आप डी. एच. कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ग्रुप चेयरमैन हैं।
  • आप क्वाड्रम सोल्युशंस प्रा.लि. कंपनी के निदेशक हैं।
  • आप जे.एम.फाईनेंशियल असेट रिकन्सट्रक्शन को. प्राईवेट लिमिटेड कंपनी में एक निदेशक और ऑडिट कमेटी के चेयरमैन के रुप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
  • आप मेन्टरकैप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन हैं। आप फ्लैनेट पीपल एण्ड प्रॉफिट कंसल्टिंग प्रा.लि. कंपनी के चेयरमैन हैं।
  • आप रिलायंस इंन्प्रास्ट्रक्चर कन्सल्टिंग एण्ड इंजीनिअर्स प्रा.लि., रिलायंस इन्प्राडेवलपमेंट प्रा.लि., रिलायंस विन्ड टरबाइन इंस्ट्रालेटर्स इन्डस्ट्रीज प्रा.लि. और एच.बी. एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के भी निदेशक हैं।

प्रमुख एडवाईजरी / गवर्निंग बोर्ड में सदस्यता

  • आप दोहा बैंक के स्थानीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।
  • आप एक्सिलेंस एनेबलर्स प्रा. लि. कंपनी में सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।
  • युनाइटेड वे ऑफ इंडिया के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य हैं।
  • आपा गाजा कैपिटल पार्टनर्स में सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।

प्रमुख भूतपूर्व सेवाएँ : –

  • आप जुलाई २०१४ से जून २०१५ तक रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे के प्रेसीडेंट रह चुके हैं।
  • आप सेबी की डिसक्लोज़र्स एण्ड एकाउिंटिंग स्टैंडर्डस कमेटी और टेकओवर पैनल के सदस्य भी रह चुके हैं।
  • आपने इंटरनेशनल एकाउंटिंग स्टैण्डर्डस बोर्ड की स्टैन्डर्डस एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य के रुप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • आप बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
  • आप भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान की पश्चिमी भारत क्षेत्रीय परिषद के चेयरमैन की विशिष्ट भूमिका भी निभा चुके हैं।

शैलेश हरिभक्ति एक अच्छे वक्ता और लेखक भी हैं, आप समय – समय पर सेमिनारों के माध्यम से सी.ए. छात्रों का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन करते रहते हैं। आप एक कुशल आर्थिक नीति निर्माता, सलाहकार और विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व के परिचायक हैं। आपके व्यक्तित्व में इमानदारी, सज्जनता, शालीनता, विनम्रता, कर्तव्यपरायणता और सामाजिकता स्पष्ट रुप से परिलक्षित होती है। आपके इसी अनूठे व्यक्तित्व के कारण आपका स्वभाव अत्यंत प्रशंसनीय और सराहनीय है।

 

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