२०१४ में मोदी की सरकार में आई थी नई योग क्रांति : शाह

avmagazine
Fri, 09 Aug, 2019 11:23 AM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि योग मन, आत्मा और शरीर को जोडत़ा है और हमें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाता है। कालांतर में लंबे समय से देश गुलाम रहा, जिस कारण योग आम जन से हटकर ऋषि-मुनियों तक सीमित हो गया था। वर्ष २०१४ में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के समय नई क्रांति आई, जिसने योग अभ्यास को जन-जन की जीवन शैली का हिस्सा बनाकर इस प्राचीन विधा को पुनः जीवित किया। आज योग ने लोगों के स्वास्थ्य का कायाकल्प कर दिया है। अमित शाह रोहतक के मेला ग्राउंड में पांचवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वयं भी योगाभ्यास किया।

यहां पहुंचने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनका स्वागत किया। समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ११ दिसंबर २०१४ को संयुक्त राष्ट्र महासभा में १७७ देशों का समर्थन हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत करवाई और आज २१ जून को विश्व के २०० से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत को पुनः वैश्विक गुरु बनाने की दिशा में कार्य किया है। योग गुरुओं व ऋषि-मुनियों को नमन करते हुए अमित शाह ने कहा कि बाबा रामदेव ने योग को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को साधुवाद देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने योग को बढ़ाने के लिए अच्छे कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने योग परिषद का गठन किया है। एक हजार से अधिक व्यायामशालाएं खुली हैं और इनमें योग शिक्षकों को नियुक्त किया जा रहा है।

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