महिलाओं को एनडीए में शामिल करने के लिये एक साल तक नहीं हो सकता इंतजार: सुप्रीम कोर्ट

avmagazine
Wed, 13 Oct, 2021 12:39 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने एनडीए की प्रवेश परीक्षा में महिला उम्मीदवारों को अगले साल से शामिल करने की अनुमति देने के केंद्र के अनुरोध को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह नहीं चाहती कि महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया जाए तथा महिलाओं को एनडीए में शामिल करने के लिये एक साल तक प्रतीक्षा नहीं की जा सकती।

केंद्र ने शीर्ष अदालत को बताया था कि महिला उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति देने वाली अधिसूचना अगले साल मई तक जारी की जाएगी। न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सशस्त्र बल सबसे अच्छी प्रतिक्रिया टीम है और उम्मीद है कि बिना देरी किए महिलाओं को एनडीए में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

न्यायालय ने कहा कि रक्षा विभाग को यूपीएससी के सहयोग से जरूरी काम करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता कुश कालरा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता चिन्मय प्रदीप शर्मा की दलीलों पर गौर किया और कहा कि महिलाओं को एनडीए में शामिल करने को एक साल तक प्रतीक्षा नहीं की जा सकती। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि महिलाओं के प्रवेश की सुविधा के लिए एक अध्ययन समूह का गठन किया गया है, और इसे सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक तंत्र मई २०२२ तक लागू किया जा सकता है। एएसजी ने १४ नवंबर को होने वाली अगली एनडीए प्रवेश परीक्षा को छो़डने की अपील की।

पीठ ने कहा, ”हम आपकी समस्या ओं को समझते हैं। मुझे यकीन है कि आप लोग समाधान खोजने में सक्षम हैं। परीक्षा देने के इच्छुक उम्मीदवारों की आकांक्षाओं को देखते हुए केंद्र से इस अनुरोध को स्वीकार करना हमारे लिए मुश्किल है।ह्ण पीठ ने कहा, ”सशस्त्र सेवाओं ने बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। आपात स्थिति से निपटना उनके प्रशिक्षण का एक हिस्सा है। हमें यकीन है कि वे इस आपातकालीन स्थिति से पार पाने में भी सक्षम होंगे।

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