गोवा में AAP की आनोखी शर्त – विधानसभा उम्मीदवारों से कानूनी हलफनामा भरवाया, चुनाव जीतने पर पार्टी बदली तो FIR होगी

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दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को डर है कि गोवा में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उनके विधायक कहीं पार्टी ना बदल लें। इसके लिए उन्होंने एक कानूनी हलफनामे का सहारा लिया है। बुधवार को केजरीवाल गोवा पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी में सभी 40 विधायकों ने उस हलफनामे पर हस्ताक्षर किए। हलफनामे का उदेश्य है कि उनके कोई भी विधायक आम आदमी पार्टी छोड़कर किसी और पार्टी में न चले जाएं।

इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा, “किसी भी पार्टी के टिकट से नेता चुनाव लड़ते हैं और फिर जीतने के बाद पार्टी बदल लेते हैं। ये मतदाताओं के साथ धोखा होता है, इसलिए हम आज इस शपथ पत्र साइन कर रहे हैं।”

केजरीवाल बोलेविधायक काम नहीं करे तो FIR करे जनता

गोवा में प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने कहा कि चुनाव से पहले हमारे उम्मीदवारों ने आज एक हलफनामे पर हस्ताक्षर किए हैं और पार्टी के प्रति वफादार रहने और निर्वाचित होने पर ईमानदारी से काम करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इस हलफनामें की कॉपी विधायकों के माध्यम से यहां कि जनता तक पहुंचाई जाएगी। इसमें लिखा है कि अगर चुनाव जीतने के बाद अगर हम पार्टी बदलते हैं या काम नहीं करते हैं तो जनता हम पर FIR करवा सकती है।

मेरे सारे उम्मीदवार ईमानदार

प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने अपने विधायकों पर भरोसा जताते हुए कहा, ”वैसे तो हमारे सभी उम्मीदवार ईमानदार हैं, लेकिन मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने के लिए इस हलफनामे की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि हमारे उम्मीदवार अपने निर्वाचन क्षेत्र के हर घर में हस्ताक्षरित हलफनामे की फोटोकॉपी भेजेंगे। ऐसा करके, हम मतदाताओं को हलफनामे की शर्तों का उल्लंघन करने पर अपने उम्मीदवारों के खिलाफ विश्वासघात का मामला दर्ज करने का अधिकार दे रहे हैं।

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