अदानी का सात एयरपोर्ट पर नियंत्रण

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गौतम अदानी की दूरदर्शी सोच की गहराई में ही उनकी सफलता तथा सम्पूर्ण विश्व में उनके औद्योगिक साम्राज्य के मूर्तरूप लेने की प्रबल सम्भावना का बीज मंत्र छिपा हुआ है।

अदानी समूह का अहमदाबाद, गुवाहाटी, तिरुअनंतपुरम्‌, मंगलुरु, जयपुर और लखनऊ एयरपोर्ट पर नियंत्रण है। उपरोक्त एयरपोर्ट के संचालन हेतु ब़डी बोली लगाकर गौतम अदानी ब़डी लीग में सम्मिलित हुए। मुम्बई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अदानी समूह की ७४ज्ञ्र् भागीदारी है। यह भागीदारी अदानी समूह ने जी.वी. के एयरपोर्ट डेव्हलपर्स से खरीदी है।
२५ नवम्बर, १९९४ को अदानी इंटर प्राइजेज के शेयर बीएसई में लिस्ट हुए। उस दिन कम्पनी के शेयर बी.एस.ई. पर ३६० रुपये पर खुले और ३७५ पर बंद हुआ। उस दिन कम्पनी के शेयर ने ४०० रुपये का उच्च स्तर और ३६० रुपये का निम्न स्तर देखा। यहाँ उल्लेखनीय है कि विश्व के मुश्किल कारोबारी वातावरण के बावजूद अदानी समूह ने २०१९-२० मेें विश्व के बाजाराें में ४.२६ अरब डॉलर (३१,०९८ करो़ड रुपये) के कुल सात ब्रांड सफलता के साथ पर प्रस्तुत किए।

गौतम अदानी की  सफलता का मूल मंत्र

यह घटना १९९० की है। अदानी समूह के एक कर्मचारी ने सुगर ट्रेडिंग के सम्बध में एक गलत निर्णय ले लिया, जिसके परिणाम स्वरूप कम्पनी को २० करो़ड रुपये की हानि हुई। स्वयं को नौकरी से हटाए जाने के भय से सम्बधित कर्मचारी ने अपनी गलती के लिए सबसे पहले गौतम जी से क्षमा याचना किया और अपना त्यागपत्र दे दिया। उस समय गौतम अदानीी ने कर्मचारी के त्यागपत्र को फा़ड कर फंेक दिया और मुस्कुराते हुए कहा मुझे पता है कि आप को इस घटना से जो शिक्षा प्राप्त हुई है, उससे आप भविष्य में ऐसी गलती फिर कभी नहीं करेंगे। तो ऐसी स्थिति में मैं आपके अगले नियोक्ता को आपकी इस शिक्षा का लाभ क्याें उठाने दूँ, जब कि इसके लिए हानि तो मैने उठाया है। इतने दूरदर्शी और धैर्यवान हैं गौतम भाई अदानी। उनकी इस सोच की गहराई में ही उनकी सफलता तथा सम्पूर्ण विश्व में उनके औद्योगिक साम्राज्य के मूर्तरूप लेने की प्रबल सम्भावना का बीज मंत्र छिपा हुआ है।

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