किसानों के लिए सदैव तत्पर योगी आदित्यनाथ

पिछली बार मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेने के तुरंत पश्चात योगी ने उत्तर प्रदेश के किसानों के ऋण माफी की घोषणा की थी। इस ऋण माफी योजना के अंतर्गत एक लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया जिसमें प्रदेश के 86 लाख किसानों के एक लाख रुपये तक के फसली ऋणों को माफ कर दिया गया।

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उत्तर प्रदेश वह उत्तम प्रदेश है, जिसकी मिठास पूरे भारतवर्ष में व्याप्त है यानी पूरे देश में होने वाले गन्ने के कुल उत्पादन का ५० फीसदी और चीनी का ३८ फीसदी हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में होता है।

निःसंदेह हम इस बात को कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में किसानों की स्थिति योगी जी के मार्गदर्शन में काफी सुदृढ़ हुई है। किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं और प्रदेश के अन्य लोगों के साथ कदमताल कर रहे हैं।

ब जबकि योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बन गए हैं तब इस प्रश्न को फिर से देखना उचित ही है कि योगी सरकार का किसानों से कैसा रिश्ता रहा है? इस प्रश्न पर विचार करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि चुनाव के पहले किसान मुद्दे पर ही योगी सरकार को सबसे अधिक घेरा गया था। अब जबकि यह तय हो गया है कि किसानों ने अपनी आस्था योगी में ही व्यक्त की है, इसे समझ लेना भी ज़रूरी होगा कि आखिर क्यों ऐसा हुआ?

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कुल 2 करोड़ 32 लाख कृषक परिवार निवास करते हैं और एक कृषक परिवार में औसतन छह सदस्य हैं। इतनी विशाल आबादी की कृषि पर निर्भरता के कारण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान कहलाती है। उसमें भी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसके जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान पच्चीस प्रतिशत है। ऐसे में सत्ता पर आसीन नीति निर्माताओं का यह कर्तव्य है कि उनके द्वारा निर्मित कार्य योजनायें किसानों के हितों पर आधारित हों।

पिछली बार मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेने के तुरंत पश्चात योगी ने उत्तर प्रदेश के किसानों के ऋण माफी की घोषणा की थी। इस ऋण माफी योजना की अंतर्गत एक लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया जिसमें प्रदेश के 86 लाख किसानों के एक लाख रुपये तक के फसली ऋणों को माफ कर दिया गया, जिसमें अधिकांश लघु एवं सीमांत किसान थे। योगी जी के इस शानदार निर्णय से उत्तर प्रदेश के किसानों का आत्मविश्वास वापस लौट आया और उन्हें पहली बार ये आभास हुआ कि सरकार यदि चाहे तो किसानों के घर भी खुशहाली आ सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये भलीभांति जानते हैं कि उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान प्रदेश है और जब किसान आत्मनिर्भर रहेंगे, कर्जों से मुक्त रहेंगे तभी उत्तर प्रदेश अन्नदाताओं के आशीर्वाद से खुशहाल रहेगा।इसी बात को ध्यान में रखते हुए योगी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बहुत सारी किसानों के कल्याण निमित्त योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

प्रदेश के किसानों की सबसे बड़ी समस्या फसलों के समय पर सिंचाई को लेकर थी क्योंकि अब वर्षा के सहारे खेती अत्यंत ही मुश्किल है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए योगी जी की सरकार ने विगत चार वर्षों में दशकों से लंबित १७ जल परियोजनाओं को पूरा किया है जो पिछली सरकारों के उपेक्षापूर्ण रवैये का दंश झेल रहा था। गोंडा, बहराइच,श्रावस्ती, बलरामपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती,महराजगंज, गोरखपुर सहित अन्य आस-पास के जिलों के किसानों के लिए सरयू नहर परियोजना ईश्वरीय वरदान साबित हुई है। समय पर सिंचाई की व्यवस्था होने से इन जिलों में फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। ठीक इसी तरह अर्जुन सहायक परियोजना बाँदा, हमीरपुर, महोबा जिले किसानों के लिए  समृद्धि का सागर लेकर आयी है, वहीं ४६ वर्षों से लंबित बाणसागर परियोजना के पूरे होने से मिर्जापुर,भदोही, प्रयागराज,वाराणसी जिलों के किसानों की सिंचाई की समस्या का पूर्णतः समाधान हो चुका है।

जिन इलाकों में नहरों के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है, उन इलाकों के किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए यूपी फ्री बोरिंग योजना के माध्यम से निशुल्क बोरिंग कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। इस योजना का लाभ उन लघु एवं सीमांत किसानों को दिया जा रहा है, जिनके पास ०.२ हेक्टेयर से कम कृषि जोत है। अभी तक ३ लाख गरीब किसान इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। किसानों के हितों के लिए समर्पित योगी सरकार किसानों को कृषि उपकरणों पर भारी सब्सिडी कृषि उपकरण सब्सिडी योजना के तहत प्रदान कर रही है। उन्नत किस्म के कृषि उपकरणों पर ८०ज्ञ् तक सब्सिडी का लाभ किसानों को दिया जा रहा है और ऐसे शोधोपरांत निर्मित वैज्ञानिक उपकरणों के इस्तेमाल से खेती अब कम पूँजी और थोड़े श्रम लागत के कारण अधिक फायदे का विषय बन रही है। इस तरह से योगी जी ने किसानों से जो वायदा चुनावों के वक्त किया था की उनकी आय दुगुनी कर देंगे वो साकार रूप लेती नजर आ रही है। प्रदेश के किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में एक है उत्तर प्रदेश किसान उदय योजना। इस योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर वाटर पंपों का आवंटन किया जा रहा है और इन वाटर पंपों के देखभाल तथा मरम्मत का जिम्मा अगले पांच वर्षों तक राज्य विद्युत विभाग के पास है। इसके लिए किसानों को किसी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। योगी जी के इस कदम से लाखों किसानों को भारी भरकम आने वाले बिजली बिलों से छुटकारा मिला है।

उत्तर प्रदेश वह उत्तम प्रदेश है, जिसकी मिठास पूरे भारत वर्ष में व्याप्त है यानी पूरे देश में होने वाले गन्ने के कुल उत्पादन का 50 फीसदी और चीनी का 38 फीसदी हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में होता है। इस मिठास के पीछे प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसानों की दिन-रात की मेहनत है, जिसकी बदौलत प्रदेश में 119 चीनी मिलें अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं। ऐसे में किसी भी सरकार के लिए यह आवश्यक है कि गन्ना किसानों को उनके मेहनत का उचित पारिश्रमिक प्रदान करे और ये काम योगी सरकार ने वर्ष २०१७ -२०२१ तक महज चार वर्षो में  गन्ना किसानों को 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये भुगतान कर किया भी है, जो पिछली सरकार से 58 हजार करोड़ रुपये अधिक है। प्रदेश में गन्ना के साथ-साथ धान और गेंहूँ का भी रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है और ये योगी जी के कृषि योजनाओं का ही परिणाम है कि गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे देश भर में पहले पायदान पर है और धान में दूसरे पर। योगी सरकार अन्नदाताओं के उपज का भरपूर मूल्य देने में विश्वास करती है। इसी कड़ी में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2021 के फसली वर्ष के लिए १८८८ रुपये प्रति कुंतल निर्धारित कर ५५ लाख मीट्रिक टन की सरकारी खरीददारी की गई। इतना ही नहीं बल्कि  २०१७-२०२१ तक २४४ लाख मीट्रिक टन धान की खरीददारी वर्तमान योगी सरकार के द्वारा की गई जो कि पिछली सरकार से सीधे दो गुना ज्यादा है। वहीं गेंहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य फसली वर्ष २०२१ के लिए १९२५ रुपये निर्धारित किया गया॥  २०१७-२०२१ तक २१० लाख मीट्रिक टन गेंहूँ सीधे किसानों से खरीद की गई जो पिछले सरकार के ९४ मीट्रिक टन खरीददारी से दो गुने से भी ज्यादा है। योगी सरकार अन्नदाताओं को उनके उपज के दाम सीधे उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रान्सफर कर रही है, जिससे उनको अपने हक के रुपयों के लिए कहीं धक्के खाने की जरूरत नहीं रह गयी है और न ही बिचौलियों की अब कोई भूमिका रह गयी है।

प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही कल्यानकारी योजनाओं का लाभ सभी किसानों तक सुनिश्चित हो तथा कृषि सम्बन्धी नवाचारों के इस्तेमाल से किसानों का काम आसान और अत्यधिक लाभप्रद हो, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सौजन्य से पिछले वर्ष किसान कल्याण मिशन योजना की शुरुआत की गई। ६ जनवरी २०२१ से १५ जनवरी २०२१ तक संचालित इस योजना को तीन चरणों में बारी-बारी से प्रदेश के सभी ८२४ विकास खण्डों में व्यापक तौर पर चलाया गया। इस योजना के अंर्तगत कृषि मेले का आयोजन कर किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से खेती के जहाँ तौर तरीके बताये गए, वहीं नए कृषि उपकरणों के परिचालन औऱ उनके इस्तेमाल सम्बन्धी जानकारियां भी विशेषज्ञों के द्वारा दी गयी। इसी दौरान सरकार के द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही अन्य सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी किसानों को दी गयी। इसलिए निःसंदेह हम इस बात को कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में किसानों की स्थिति योगी जी के मार्गदर्शन में काफी सुदृढ़ हुई है। किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं और प्रदेश के अन्य लोगों के साथ कदमताल कर उत्तर प्रदेश को विकास के दौड़ में अग्रणी बनाये हुए हैं।

 

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