पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने किया बढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा

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पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और विधान परिषद्‌ में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने भारी बारिश से प्रभावित रायगढ़ जिले के तालिये गांव का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ जाने से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गयी है। रत्नागिरी जिले के चिपलून और खेड़ के अलावा रायगढ़ और आसपास के इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा रखा है। स्थिति को बेकाबू होते देख जान-माल की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सशस्त्र बलों की टीमों को तैनात किया गया है।

पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर बचाव अभियान चला रही हैं। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे यहां भेजा है और यहां के लोगों की समस्याओं की रिपोर्ट देने के लिए कहा हैै। अभी तक सिर्फ ४४ शव बरामद हुए हैं और शव मिलना अभी बाकी हैं। पुनर्वास कार्य चल रहा है। वहीं, एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा कि महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण हालात गंभीर है। लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। इस समय पूरे देश में एनडीआरएफ की १५० के आस-पास टीमें काम कर रही हैं। अभी मौतों का आंकड़ा नहीं दिया जा सकता है, इसमें थोड़ा समय लगेगा।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण बाढ़ग्रस्त पश्चिम महाराष्ट्र के तीन जिलों से ९०,००० लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत एवं बचाव में लगी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं नौसेना की टीमें उन्हें तलाशने में लगी हैं। भारी बारिश के कारण पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सांगली एवं सतारा जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सतारा जिला स्थित हिल स्टेशन महाबलेश्वर में चार दिनों में १,८५९ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। पश्चिम महाराष्ट्र व उससे सटे कोंकण क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। इस कारण इस क्षेत्र की दो प्रमुख नदियां कृष्णा व कोयना उफान पर हैं। इन नदियों का जलस्तर बढ़ने से कोल्हापुर, सांगली एवं सतारा में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इन जिलों के सैकड़ों गांव जलमग्न हैं। अब तक बाढ़ग्रस्त सांगली से ४२,५७३, कोल्हापुर से ४०,८८२ व सतारा से ७३४ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कोल्हापुर में पंचगंगा नदी के राजाराम बांध का जलस्तर ५६.३ फुट से कुछ नीचे आया है लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।

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