ग्रामीण विकास के लिए समर्पित योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रबलता के साथ कार्य कर रही है कि गांवों के विकास से ही विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति संभव है और तभी विकसित भारत के सपने को भी साकार किया जा सकता है।

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देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले उत्तर प्रदेश के वीर सपूतों के गांव को सवांरने का जिम्मा वर्तमान योगी सरकार ने उठाया है और इसके लिए सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना का संचालन २०१८ से ही किया जा रहा है

त्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा राज्य है बल्कि यहाँ व्यापक ग्रामीण जनसंख्या भी विद्यमान है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर ग्रामीण विकास को लेकर योगी की ऐसी क्या नीति थी कि जनता ने दोबारा इन्हें अपना नेता चुन लिया?

वस्तुतः, उत्तर प्रदेश की कुल आबादी का ७७ प्रतिशत यानी लगभग १५ करोड़ लोग प्रदेश के ९७,९४१ गांवों में निवास करते हैं। इसलिए किसी भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार का यह प्रमुख दायित्व है कि वो अपनी विकास योजनाओं का निर्माण इस विशाल आबादी के हितों को केंद्र में रखकर करे। २०१७ से पहले जो सरकार प्रदेश में चुनकर आती थी, उसके विकास का एजेंडा समग्र न होकर क्षेत्र विशेष या कहें कि एक-दो शहरों तक ही सीमित होता था और प्रदेश के गांवों की ओर तो सरकार और उनके मातहतों ने कभी देखना भी मुनासिब नहीं समझा। लेकिन, २०१७ में सत्ता में पहली बार आई योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछली सरकारों के संकुचित एजेंडों को दरकिनार कर पूरे प्रदेश के विकास पर बल देने वाली योजनाओं का निर्माण किया, जिसके तहत ग्रामीणों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास आधारित बहुत सारी योजनाएं संचालित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री के रूप में योगी ने ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं जैसे – सड़क, बिजली, पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का काम किया। आजादी के इतने वर्षों के बाद भी उत्तर प्रदेश के हजारों गांव पक्की सड़कों की सुविधा से वंचित थे। बरसात के दिनों में नदियों में आने वाले भीषण बाढ़ के चलते होने वाले अत्यधिक मिट्टी कटान के कारण नदियों के समीप बसे गांवों का प्रदेश के बाकी स्थानों से सम्पर्क पूरी तरह भंग हो जाता था लेकिन अब हालात काफी बदल चुके हैं। बड़े पैमाने पर बांधों के किनारों की ऊंचाइयों को बढ़ाया गया और नियमित कटान वाले स्थानों पर पक्के निर्माण कर प्रत्येक वर्ष इस नाम पर होने वाली लूट को स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया। अब तो उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़कों का निर्माण भी एनएच के तर्ज पर

हॉटमिक्स पद्धति के अनुसार कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण सड़कें भी गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ बन रहीं हैं। इसलिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तहत सड़कों के निर्माण और रखरखाव के मामले में भी उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में अव्वल है। प्रदेश में सड़कों का जाल कुछ इस तरह से विकसित किया गया है जिससे प्रत्येक गांव की प्राथमिकता के तौर पर ब्लॉक एवं तहसील कार्यालयों के साथ जनपद कार्यालयों तक सरलता से पहुँच सुनिश्चित किया गया है। इससे दैनिक कामकाज से आवागमन करने वालों के साथ कृषकों और पशुपालकों के हितों को भी फायदा हुआ है। पहले जहाँ उन्हें अपने उपज को औने-पौने दाम में गांव आने वाले व्यापारियों को बेचना पड़ता था, वहीं अब गांव के छोटे किसान भी अपनी उपज के अच्छे दाम प्राप्त करने के लिए फसल और सब्जी मंडियों तक आसानी से पहुँच रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रबलता के साथ कार्य कर रही है कि गांवों के विकास से ही विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति संभव है और तभी विकसित भारत के सपने को भी साकार किया जा सकता है। सरकार गठन के तुरंत पश्चात्‌ मुख्यमंत्री  द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत प्रदेश में पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को ५०० करोड़ रुपये का आवंटन तत्काल प्रभाव से किया गया। इसकी वजह से स्वयं सहायता समूहों ने अपने सदस्यों के साथ-साथ पूरे गाँव के उत्थान के कार्यों को पुनःप्रारम्भ कर दिया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के द्वारा किये जाने वाले रोजगार के कार्यों को वर्गीकृत कर सदस्यों को उन कार्यों में बेहतर दक्षता हासिल करने के लिए सरकार के द्वारा व्यापक पैमाने पर गांव-गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया, जिससे उन सहायता समूहों के आय में भी वृद्धि संभव हुई।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार  ने राष्ट्र निर्माण में स्त्री शक्ति की भूमिका को सशक्त करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट सखी योजना की शुरुआत मई २०२० में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में किया। ग्रामीण महिलाओं के विकास एवं सशक्तीकरण हेतु सखी योजना के तहत सरकार के द्वारा आर्थिक रूप से असमर्थ ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग कार्य हेतु प्रशिक्षण दिया गया है तथा इनके माध्यम से ही प्रत्येक गांव में बैंकिंग सुविधाओं के विकास और जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। इस योजना के  शुरुआती चरण में ही ५८००० गरीब महिलाओं को ४००० रुपये मासिक भत्ते पर बैंक सखी के पद पर नियोजित किया गया है। साथ ही इन नियोजित बैंक द्वारा सखियों के माध्यम से होने वाले प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर कमीशन की भी व्यवस्था की गई है।

इसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अपने आप में अनूठा और अत्यंत ही लोकप्रिय योजना उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना का संचालन कर रही है। इसके संचालन में सरकार और नागरिकों के बराबर की भूमिका सुनिश्चित की गयी है। वैसे लोग जो रोजगार या अन्य कारणों से गांव से बाहर शहरों या विदेशों में जाकर रह रहे हों और अपने गांव के विकास के लिये कुछ करना चाहते हों, किसी प्रोजेक्ट को स्थापित करना चाहते हों तो सरकार इसमें उनकी मदद करेगी और उनके प्रोजेक्ट पर आने वाले कुल खर्च का ५० प्रतिशत सरकार वहन करेगी। इस योजना के तहत गांव में सामुदायिक भवनों का निर्माण,खेल स्टेडियमों का निर्माण,व्यायामशाला,कौशल विकास केंद्रों के निर्माण के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी केंद्र, सीवरेज सिस्टम,सोलर प्लांट, सोलर लाइटों से गांव को सुसज्जित कराने का काम भी किया जा सकता है।

देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले उत्तर प्रदेश के वीर सपूतों के गांव को सवांरने का जिम्मा वर्तमान योगी सरकार ने उठाया है और इसके लिए सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना का संचालन २०१८ से ही किया जा रहा है। इस योजना के तहत ये लक्ष्य रखा गया कि शहीद होने वाले वीर सपूतों के गांव को शहीद ग्राम के नाम से जाना जाएगा। उनकी वीर गाथा ग्रामवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बने, इसलिए उनके याद में गांव में शहीदों की मूर्ति स्थापित की जाएगी तथा उनके नाम से गांव में प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। साथ ही उन गांवों में पक्की सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति, स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा तथा माध्यमिक शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा के लिए इंटर

कॉलेज और महाविद्यालयों की भी शुरुआत की जाएगी। विगत तीन वर्षों में सैंकड़ों गांवों का कायापलट इस योजना के तहत हो चुका है और शहीदों के सम्मान में बनी ये योजना आज पूरे देश भर में विकास के नये नजरिये का प्रतीक बन चुकी है।

योगी जी के नेतृत्व में चलायी जा रही ग्रामीण विकास की योजनाओं की कड़ी में मुख्यमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के जिक्र बिना पूरी बात ही अधूरी रह जाएगी। मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के संयुक्त प्रयास से ग्रामीण इलाकों में तेईस लाख पक्के घरों का निर्माण करवा कर बेघरों को छत प्रदान किया जा चुका है। ये आंकड़ा पूरे भारत वर्ष में सबसे अधिक है। ये मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करता है। इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के ग्रामीण विकास के लिए सार्थक प्रयासों की जितनी भी सराहना की जाए वो अपने आप में कम ही साबित होगी। और यही वजह है कि योगी दोबारा सरकार बनाने में सफल रहे।

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